Wednesday, August 12, 2009

वो कहती है

वो कहती है
मैं रोमांटिक नहीं हूँ
प्यार भरी बातें नहीं करता
कोई अच्छा गिफ्ट नहीं देता.
वो सच कहती है मगर
मैं भी क्या करुँ ?

सुबह अखबार में पढ़ा
किसी नौजवान को कुछ गुंडों ने
पीट पीट कर मार डाला.
वह नौजवान किसी की जान बचाने में
खुद जान गवां बैठा.
सोचता हूँ अगर
मैं उसकी जगह होता तो?
अब ऐसे में कौन आगे आएगा
और आपकी जान बचायेगा?

अखबार में यह भी लिखा था
कुछ लोगों ने
पचास पुलिस वालों को मार गिराया
यह तो सरासर गलत है, भाई
लेकिन आप क्या करेंगें अगर
आप और आपके बच्चे
भूख से बिलख रहे हों?
आपके हाथ काम ना हो
घर ना हो, पानी ना हो,
पास कोई अस्पताल ना हो
जब रात के अँधेरे में
भायं भायं करता सन्नाटा
आपको बहरा कर दे
जब सरकार सो रही हो
और उसके नुमाईन्दे
हाथ पे हाथ धरे
आपकी बर्बादी का तमाशा देखें

आप और क्या करेंगें?

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