कहने को तो वो
छोटी सी ही बात थी
पर दिमाग में
यूँ जाके अटकी
कि बस खून ही खून
हो गया
काफी जखम सा बन चुका है
और रह रह कर
उसका पीब
रिसता रहता है.
किसने कहा
वो छोटी बात थी?
भोर की हवा / लोला रिज / अनिल जनविजय
20 hours ago
दिल की बात, सीधे दिल से
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