दिल धड़कने का बहाना ढूंढें
तुमसे मिलने का बहाना ढूंढें
इस कदर बेक़रार रहता है
तुम्हें देखने का बहाना ढूंढें.
जब घटाओं से फुहार झरता है
जब फिजाओं पे निखार आता है
कहीं दो दिल जवान मिलते हैं
जब भी मौसम खुशगवार होता है
ख़्वाब बुनने का बहाना ढूंढें. दिल धड़कने का बहाना ढूंढें
तू है कमसिन नाज़ुक सी कली
तुझपे सोलह श्रृंगार सोहे
सुर्ख होंठों से छलकता है नशा
मुझे कजरारे नैना मोहे
कोई छूने का बहाना ढूंढें. दिल धड़कने का बहाना ढूंढें
भोर की हवा / लोला रिज / अनिल जनविजय
20 hours ago

No comments:
Post a Comment